- रिलीज डेट (Release Date): 14 मई 2027
Dada: The Sourav Ganguly Story – लॉर्ड्स के मैदान पर शर्ट लहराने से लेकर भारतीय क्रिकेट को बदलने तक का सफर
भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल, आक्रामक और बेबाक कप्तान सौरव गांगुली की जिंदगी अब बड़े पर्दे पर उतरने के लिए तैयार है। बायोपिक फिल्म Dada: The Sourav Ganguly Story साल 2027 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है। इस फिल्म में ‘दादा’ का आइकॉनिक और दमदार किरदार बॉलीवुड के नेशनल अवॉर्ड विनर एक्टर राजकुमार राव निभाते हुए नजर आएंगे। [1]
फिल्म का ओवररिव्यू (Movie Overview)
फिल्म की कहानी सौरव गांगुली के बचपन, बंगाल की गलियों से उनके भारतीय क्रिकेट टीम में चयन और फिर टीम के कप्तान बनने के उतार-चढ़ाव भरे सफर को दिखाएगी।
फिल्म का मुख्य फोकस साल 2000 के उस दौर पर होगा जब भारतीय क्रिकेट फिक्सिंग के काले साए में डूबा हुआ था और दादा ने टीम की कमान संभालकर युवा खिलाड़ियों (जैसे सहवाग, युवराज, धोनी, जहीर) को निखारा। इसके साथ ही, 2002 की नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में लॉर्ड्स के ऐतिहासिक बालकनी पर शर्ट लहराने का वो ऐतिहासिक पल थिएटर्स में दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देगा।
फिल्म में क्या है खास?
क्रिकेट पर बनी बायोपिक्स को भारत में बहुत ज्यादा पसंद किया जाता है। राजकुमार राव की लाजवाब एक्टिंग स्किल इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी है, क्योंकि दादा के बोलने के अंदाज (Attitude) और उनके लेफ्ट-हैंडेड बैटिंग स्टाइल को हूबहू स्क्रीन पर उतारना एक बड़ा चैलेंज है। फिल्म में क्रिकेट के मैदान के रोमांच के साथ-साथ ड्रेसिंग रूम की राजनीति और सौरव गांगुली के व्यक्तिगत जीवन के कई अनसुने किस्से भी देखने को मिलेंगे।
आपको यह फिल्म क्यों देखनी चाहिए? (Reasons to Watch)
यदि आप क्रिकेट के दीवाने हैं और सौरव गांगुली के फैंस हैं, तो इस फिल्म को देखने की मुख्य वजहें ये हैं:
- राजकुमार राव का ट्रांसफॉर्मेशन: देश के सबसे बेहतरीन एक्टर्स में से एक को ‘दादा’ के रूप में देखना बेहद दिलचस्प होने वाला है।
- भारतीय क्रिकेट की रीमेक गाथा: यह फिल्म दिखाएगी कि कैसे एक कप्तान ने भारतीय टीम को विदेशों में जीतना सिखाया और टीम का एटीट्यूड बदला।
- इमोशनल और प्रेरणादायक कहानी: दादा के करियर में आए उतार-चढ़ाव और उनकी कमबैक (वापसी) की कहानी युवाओं को प्रेरित करेगी।
निष्कर्ष (Conclusion)
कुल मिलाकर, Dada: The Sourav Ganguly Story सिर्फ एक स्पोर्ट्स फिल्म नहीं है, बल्कि यह एक लीडर की कहानी है जिसने भारतीय क्रिकेट का इतिहास बदल दिया। अगर आप ‘एमएस धोनी’ या ’83’ जैसी फिल्में पसंद करते हैं, तो सिनेमाघरों में दादा का यह सफर आपको भावुक करने के साथ-साथ गर्व से भर देगा

